B
Bijnor Piles Centre
Proctology · Bijnor, UP
Piles HI

क्षार कर्म: बवासीर का बिना दर्द इलाज

DR
Dr. Parmod Kumar
12 April 2026 · 5 min read

क्षार कर्म: बवासीर का बिना दर्द इलाज

बवासीर (पाइल्स) से पीड़ित लाखों लोग सर्जरी के डर से इलाज टालते रहते हैं। लेकिन आयुर्वेद में एक ऐसा प्राचीन और प्रभावशाली उपाय मौजूद है — क्षार कर्म — जो बिना चीर-फाड़ के बवासीर को जड़ से ठीक करने में मदद करता है।

क्षार कर्म क्या है?

क्षार कर्म एक आयुर्वेदिक प्रक्रिया है जिसमें विशेष रूप से तैयार क्षारीय औषधि (alkaline medicine) को बवासीर के मस्सों पर लगाया जाता है। यह औषधि प्रभावित ऊतकों को धीरे-धीरे नष्ट करती है और उन्हें स्वस्थ ऊतकों में परिवर्तित करने में सहायक होती है।

यह पद्धति बवासीर (पाइल्स) के प्रारंभिक से मध्यम स्तर (Grade 1, 2 और कुछ Grade 3 मामलों) में विशेष रूप से कारगर मानी जाती है।

महत्वपूर्ण: क्षार कर्म केवल प्रशिक्षित आयुर्वेदिक चिकित्सक द्वारा ही किया जाना चाहिए।

क्षार कर्म किसके लिए उपयुक्त है?

क्षार कर्म निम्नलिखित स्थितियों में अनुशंसित किया जाता है:

  • Grade 1 और Grade 2 बवासीर — जब मस्से छोटे हों और बाहर न आते हों
  • रक्तस्राव वाली बवासीर — जिसमें मल त्याग के समय खून आता हो
  • जिन रोगियों को सर्जरी का खतरा हो — जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप के मरीज़
  • बार-बार होने वाली बवासीर — जो दवाओं से ठीक नहीं होती

क्षार कर्म प्रक्रिया कैसे होती है?

तैयारी

  • रोगी को प्रक्रिया से एक रात पहले हल्का भोजन लेने की सलाह दी जाती है
  • आवश्यकतानुसार एनीमा या बोवेल क्लींजिंग की जाती है
  • प्रक्रिया से पहले डॉक्टर प्रभावित क्षेत्र की जाँच करते हैं

प्रक्रिया के चरण

  1. रोगी को उचित स्थिति (lithotomy position) में लिटाया जाता है
  2. लोकल एनेस्थीसिया से क्षेत्र को सुन्न किया जाता है
  3. एक विशेष उपकरण (proctoscope) की सहायता से बवासीर के मस्सों को देखा जाता है
  4. क्षारीय दवा (आमतौर पर अपामार्ग क्षार या स्नुही क्षार से बनी) को सूक्ष्म मात्रा में मस्से पर सटीकता से लगाया जाता है
  5. 60-90 सेकंड के बाद दवा को धोकर साफ कर दिया जाता है
  6. क्षेत्र को शहद या घृत (घी) से उपचारित किया जाता है

प्रक्रिया के बाद

  • अधिकांश रोगी उसी दिन घर जा सकते हैं
  • 2-4 सप्ताह में मस्से सूखकर गिर जाते हैं
  • पूर्ण उपचार के लिए 1-3 सत्र आवश्यक हो सकते हैं

क्षार कर्म के लाभ

फायदा विवरण
बिना सर्जरी कोई चीर-फाड़ नहीं, टाँके नहीं
कम दर्द लोकल एनेस्थीसिया से प्रक्रिया सुविधाजनक
त्वरित रिकवरी उसी दिन घर, अगले दिन दैनिक काम
कम पुनरावृत्ति जड़ से उपचार होने पर दोबारा होने का खतरा कम
प्राकृतिक औषधि रासायनिक दवाओं के दुष्प्रभाव से मुक्त

खान-पान और जीवनशैली

क्षार कर्म के बाद उचित आहार बहुत जरूरी है ताकि रिकवरी जल्दी हो और बवासीर दोबारा न हो:

खाएँ ✅ परहेज करें ❌
ताज़े फल और सब्जियाँ मिर्च-मसालेदार खाना
छाछ, दही तला-भुना खाना
मूँग दाल, दलिया मैदा व जंक फूड
पर्याप्त पानी (8-10 गिलास) शराब और कैफीन
ईसबगोल की भूसी कठोर श्रम व भारी वजन उठाना
हरी पत्तेदार सब्जियाँ लंबे समय तक बैठे रहना

बिजनौर पाइल्स सेंटर में क्षार कर्म

बिजनौर पाइल्स सेंटर में Dr. Parmod Kumar (Proctologist) द्वारा क्षार कर्म अत्यंत सावधानी और अनुभव के साथ किया जाता है। हमारे पास:

  • आधुनिक OT सुविधा जो पूरी तरह स्वच्छ और संक्रमण-मुक्त है
  • प्रशिक्षित स्टाफ जो प्रक्रिया के हर चरण में सहायता करता है
  • परामर्श से लेकर फॉलो-अप तक व्यक्तिगत देखभाल
  • किफायती मूल्य में विश्वस्तरीय उपचार

क्षार सूत्र चिकित्सा भी हमारे केंद्र में उपलब्ध है जो फिस्टुला जैसी जटिल स्थितियों में कारगर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या क्षार कर्म में बहुत दर्द होता है?

नहीं। लोकल एनेस्थीसिया के कारण प्रक्रिया के दौरान दर्द नहीं होता। बाद में हल्की जलन या बेचैनी हो सकती है जो 1-2 दिनों में ठीक हो जाती है।

क्षार कर्म के बाद कितने दिन आराम करना होता है?

अधिकांश रोगी अगले दिन से हल्का काम कर सकते हैं। भारी शारीरिक श्रम से 1-2 सप्ताह बचना चाहिए।

क्या क्षार कर्म से बवासीर हमेशा के लिए ठीक हो जाती है?

सही खान-पान और जीवनशैली बनाए रखने पर अधिकांश रोगियों को दोबारा बवासीर नहीं होती। हालाँकि कोई भी उपचार “गारंटीशुदा इलाज” का दावा नहीं करता — किसी भी निर्णय से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

क्या यह उपचार सभी ग्रेड की बवासीर में होता है?

Grade 1 और Grade 2 में यह सबसे प्रभावी है। Grade 3 और Grade 4 की गंभीर बवासीर में अन्य उपचार अधिक उपयुक्त हो सकते हैं। डॉक्टर जाँच के बाद सही सलाह देंगे।

क्षार कर्म और रबर बैंड लिगेशन में क्या अंतर है?

रबर बैंड लिगेशन में मस्से के आधार पर रबर बैंड लगाकर रक्त आपूर्ति बंद की जाती है। क्षार कर्म में क्षारीय दवा से ऊतक नष्ट होते हैं। दोनों बिना सर्जरी के उपचार हैं — डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार सही विकल्प चुनेंगे।

निष्कर्ष

क्षार कर्म बवासीर के लिए एक सिद्ध, सुरक्षित और प्रभावशाली आयुर्वेदिक उपचार है। यदि आप सर्जरी से बचना चाहते हैं और प्राकृतिक तरीके से स्थायी राहत चाहते हैं, तो किसी अनुभवी प्रोक्टोलॉजिस्ट से परामर्श लें और अपने लिए सही उपचार चुनें।


📍 बिजनौर पाइल्स सेंटर में निःशुल्क परामर्श बुक करें — St. Mary’s के पास, Shree Hospital के सामने, किरतपुर रोड, बिजनौर, UP 246701।
📞 +91 70177 90760 | 💬 WhatsApp पर भी संपर्क करें।

Need expert help?

Get painless, day-care treatment for piles, fissure, fistula and pilonidal sinus at Bijnor Piles Centre, Bijnor.

💬