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Bijnor Piles Centre
Proctology · Bijnor, UP
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बवासीर में खाने योग्य 7 सबसे अच्छी चीज़ें

DR
Dr. Parmod Kumar
14 April 2026 · 5 min read

बवासीर में खाने योग्य 7 सबसे अच्छी चीज़ें

बवासीर (Piles) का दर्द और तकलीफ़ तब और बढ़ जाती है जब खान-पान सही न हो। सही डाइट न सिर्फ लक्षणों को कम करती है, बल्कि इलाज को तेज़ भी करती है। इस लेख में डॉ. परमोद कुमार, प्रोक्टोलॉजिस्ट, बिजनौर पाइल्स सेंटर, आपको बताएंगे कि बवासीर में कौन-से 7 खाद्य पदार्थ सबसे ज़्यादा फायदेमंद हैं।

बवासीर क्या है?

बवासीर (Hemorrhoids) एक ऐसी स्थिति है जिसमें गुदा (Anus) और मलाशय (Rectum) की नसें सूज जाती हैं। कब्ज, कठोर मल, और लंबे समय तक शौचालय में बैठना इसके मुख्य कारण हैं। सही डाइट अपनाकर मल को नरम किया जा सकता है, जिससे दर्द और ब्लीडिंग में काफी राहत मिलती है।


बवासीर में खाने योग्य 7 सबसे अच्छी चीज़ें

1. 🌾 साबुत अनाज (Whole Grains)

साबुत अनाज जैसे गेहूं की रोटी, ब्राउन राइस, ओट्स और जौ में भरपूर फाइबर होता है। फाइबर मल को मुलायम बनाता है और कब्ज से राहत दिलाता है।

कैसे खाएं: रोज़ाना 2-3 रोटियाँ चोकर सहित आटे की बनाएं। सुबह ओट्स या दलिया लें।


2. 🥦 हरी सब्ज़ियाँ (Green Vegetables)

पालक, मेथी, ब्रोकली, लौकी, तोरई और भिंडी — ये सब्ज़ियाँ फाइबर और पानी से भरपूर होती हैं। ये आंतों की सफाई करती हैं और मल त्याग को आसान बनाती हैं।

ध्यान रखें: सब्ज़ियाँ उबालकर या हल्के तेल में बनाएं। तला हुआ और मसालेदार खाना बवासीर को बढ़ाता है।


3. 🍎 फल (Fruits)

पपीता, अमरूद, सेब, नाशपाती और केला बवासीर के मरीज़ों के लिए बेहद फायदेमंद हैं।

  • पपीता पाचन एंज़ाइम से भरपूर होता है जो कब्ज दूर करता है।
  • अमरूद में बीज सहित खाने पर भरपूर फाइबर मिलता है।
  • सेब का छिलका सहित सेवन आंतों को स्वस्थ रखता है।

सलाह: फलों को खाली पेट या भोजन के 1 घंटे बाद खाएं।


4. 💧 छाछ और दही (Buttermilk & Yogurt)

छाछ और दही में प्रोबायोटिक्स होते हैं जो आंत के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं। ये पाचन को सुधारते हैं और कब्ज कम करते हैं।

कैसे लें: दोपहर के खाने के साथ एक गिलास छाछ (जीरा + नमक) लें। रात को दही में थोड़ा शहद मिलाकर खाएं।


5. 🫘 दालें और फलियाँ (Legumes & Lentils)

मूंग दाल, मसूर दाल, चना, राजमा और मटर में फाइबर और प्रोटीन दोनों होते हैं। ये धीरे-धीरे पचते हैं और आंतों को सक्रिय रखते हैं।

ध्यान दें: बहुत भारी दालें जैसे उड़द दाल शुरुआत में कम मात्रा में लें क्योंकि ये गैस बना सकती हैं।


6. 🌰 इसबगोल (Psyllium Husk)

इसबगोल (Isabgol) एक प्राकृतिक फाइबर सप्लीमेंट है जो मल को बुलकी और मुलायम बनाता है। यह बवासीर के मरीज़ों के लिए डॉक्टरों द्वारा सबसे अधिक सुझाया जाने वाला उपाय है।

कैसे लें: रात को सोने से पहले 1-2 चम्मच इसबगोल एक गिलास पानी या दूध में मिलाकर पिएं।


7. 🥤 पर्याप्त पानी (Adequate Water Intake)

पानी की कमी मल को कठोर बनाती है, जो बवासीर का सबसे बड़ा कारण है। रोज़ाना कम से कम 8-10 गिलास (2-2.5 लीटर) पानी पीना ज़रूरी है।

सुझाव: सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पिएं। नारियल पानी और नींबू पानी भी फायदेमंद हैं।


बवासीर में परहेज़ — क्या न खाएं

खाएं ✅ न खाएं ❌
चोकर वाली रोटी मैदे की रोटी / ब्रेड
हरी सब्ज़ियाँ तला हुआ खाना
ताज़े फल डिब्बाबंद और पैकेज्ड फूड
छाछ / दही शराब और कैफीन
इसबगोल लाल मिर्च और तीखे मसाले
दालें और फलियाँ ज़्यादा नमक
पर्याप्त पानी ठंडे ड्रिंक्स और सोडा

बवासीर का इलाज — बिजनौर पाइल्स सेंटर में

सिर्फ डाइट से बवासीर पूरी तरह ठीक नहीं होती — इसके लिए सही चिकित्सा ज़रूरी है। बिजनौर पाइल्स सेंटर में हम निम्नलिखित आधुनिक और आयुर्वेदिक उपचार प्रदान करते हैं:

  • क्षार कर्म (Kshar Karma): बवासीर का बिना ऑपरेशन, बिना दर्द का आयुर्वेदिक इलाज।
  • रबर बैंड लिगेशन (Rubber Band Ligation): बाहरी बवासीर के लिए एक तेज़ और प्रभावी उपचार।
  • क्षार सूत्र (Kshar Sutra): भगन्दर (Fistula) के लिए प्राचीन आयुर्वेदिक चिकित्सा।

हमारे विशेषज्ञ डॉक्टर आपकी स्थिति की जाँच कर सबसे उपयुक्त इलाज सुझाएंगे।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

क्या बवासीर में केला खा सकते हैं?

हाँ, पका केला खाया जा सकता है। यह पोटैशियम और फाइबर से भरपूर होता है। हालांकि, कच्चा केला कब्ज बढ़ा सकता है, इसलिए उससे बचें।

क्या दूध बवासीर में नुकसानदायक है?

सादा दूध बवासीर में तटस्थ है। लेकिन दही और छाछ ज़्यादा फायदेमंद हैं क्योंकि इनमें प्रोबायोटिक्स होते हैं।

कितने दिन में डाइट से फर्क दिखता है?

सही डाइट अपनाने पर आमतौर पर 1-2 हफ्तों में कब्ज और मल त्याग में सुधार महसूस होता है। लेकिन बवासीर के पूर्ण इलाज के लिए डॉक्टर से मिलना ज़रूरी है।

क्या चावल बवासीर में खा सकते हैं?

ब्राउन राइस (छिलके सहित) खाएं — इसमें फाइबर होता है। पॉलिश्ड सफेद चावल कम मात्रा में ले सकते हैं, लेकिन इसे फाइबर युक्त सब्ज़ियों के साथ खाएं।


निष्कर्ष

बवासीर में डाइट एक अहम भूमिका निभाती है। फाइबर युक्त खाना, पर्याप्त पानी, और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर आप दर्द और तकलीफ़ में काफी राहत पा सकते हैं। लेकिन याद रखें — सही इलाज के लिए अनुभवी प्रोक्टोलॉजिस्ट से परामर्श ज़रूर लें।


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